Mystery of Gyanganj: हिमालय के अमर योगियों का शहर

Gyanganj Mystery: हिमालय का रहस्यमयी ‘सिद्धाश्रम’

हिमालय पर्वत में सिद्धाश्रम Gyanganj नामक एक आश्रम है जहाँ सिद्ध योगी और साधु रहते हैं। तिब्बती लोग इसे ही शम्भल की रहस्यमय भूमि के रूप में पूजते हैं। एक अन्य परम्परा के अनुसार सिद्धाश्रम, तिब्बत क्षेत्र में कैलाश पर्वत के निकट स्थित है।

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Ancient Texts में Gyanganj: वेदों और पुराणों में उल्लेख

इस अलौकिक आश्रम Gyanganj का उल्लेख चारों वेदों के अलावा अनेकों प्राचीन ग्रन्थों में मिलता है। इसके एक ओर कैलाश मानसरोवर है, दूसरी ओर ब्रह्म सरोवर है और तीसरी ओर विष्णु तीर्थ है। स्वयं विश्वकर्मा ने ब्रह्मादि के कहने पर इस आश्रम की रचना की। यह भी मान्यता है कि राम, कृष्ण, बुद्ध, शंकराचार्य और माँ आनन्दमयी आदि दैवी विभूतियाँ सिद्धाश्रम में सशरीर विद्यमान हैं।

ग्यांगुंज के नाम से प्रसिद्ध, एक रहस्यमयी धर्मोपदेश माना जाता है, जो एक परंपरा के अनुसार, हिमालय में एक गुप्त भूमि में स्थित है, जहां महान योगी, साधु और ऋषि रहते हैं। यह स्थान तिब्बतियों द्वारा शम्भाला की रहस्यमय भूमि के रूप में भी प्रतिष्ठित है। एक अन्य परंपरा के अनुसार, Gyanganj सिद्धाश्रम तिब्बती क्षेत्र में कैलाश पर्वत के पास स्थित है। यद्यपि कोई भी साधु, संन्यासी, यति, भिक्षु और योगी किसी भी नाम से ‘सिद्धाश्रम’ को जानते होंगे या विभिन्न पंथों ने अपनी मान्यताओं के अनुसार अलग-अलग पूजा या साधना विधियों का उपयोग किया होगा।

इस प्राचीन अलौकिक भूमि Gyanganj का उल्लेख चार वेदों के साथ कई प्राचीन शास्त्रों में किया गया है। आध्यात्मिक यात्रा में सिद्धाश्रम को एक दिव्य स्थान के रूप में वर्णित किया गया है। इस प्रकार यह भी माना जाता है कि इस ब्रह्मांड में अपने दिव्य कार्यों का निर्वहन करते हुए आध्यात्मिक रूप से सशक्त योगी सिद्धाश्रम के संपर्क में रहते हैं और वे नियमित रूप से यहां आते हैं। सिद्धाश्रम को आध्यात्मिक चेतना, दिव्यता के केंद्र और महान ऋषियों की वैराग्य भूमि का आधार माना जाता है।

सिद्धाश्रम Siddhashram कौन पहुँच सकता है? Gyanganj

Gyanganj सिद्धाश्रम मानव और सभी दृश्य और अदृश्य प्राणियों के लिए समान रूप से दुर्लभ है। इस प्रकार, सिद्धाश्रम को एक बहुत ही दुर्लभ दिव्य स्थान माना जाता है। लेकिन साधना प्रक्रिया के माध्यम से कठिन साधना और साधना पथ पर चलकर इस दुर्लभ और पवित्र स्थान में प्रवेश करने के लिए दिव्य शक्ति प्राप्त करना संभव होगा।
सिद्धाश्रम हिमालय में एक गुप्त और रहस्यमय भूमि है, जहाँ महान सिद्ध योगी, साधु और संत रहते हैं। सिद्धाश्रम हमारे पूर्वजों, संतों, संतों और उच्च क्रम के योगियों द्वारा आश्रम है। इसका उल्लेख कई भारतीय महाकाव्यों, वेदों, उपनिषदों और पुराणों में किया गया है जिनमें ऋग्वेद, मानव सभ्यता का सबसे पुराना ग्रंथ है।
Siddhashram सिद्धाश्रम प्रबुद्ध लोगों या सिद्धों के लिए समाज है। जो व्यक्ति साधना में उच्च स्तर तक पहुँचता है, वह गुरु के आशीर्वाद से रहस्यमयी सिद्धाश्रम पहुँच सकता है, जो इस स्थान का नियमित स्वामी है।

सिद्धाश्रम कहाँ है | Gyanganj

यह आश्रम मानसरोवर झील और कैलाश के पास स्थित है। सिद्ध योगी और संन्यासी हजारों वर्षों से इस स्थान पर ध्यान कर रहे हैं। विभिन्न धर्मों में वर्णित कई रहस्यमय स्थानों की तरह इस जगह को नग्न आंखों से नहीं देखा जा सकता है, यह एक अनुभव है और केवल ध्यान और आध्यात्मिक जागरूकता के मार्ग से हम इस स्थान का अनुभव कर सकते हैं। स्वामी विशुद्धानंद परमहंस ने सबसे पहले सार्वजनिक रूप से इस स्थान की बात की थी। उन्हें बचपन में कुछ समय के लिए वहाँ ले जाया गया और उन्होंने लंबे समय तक ज्ञानगंज आश्रम में अपनी साधना की।
हिंदू धर्म में कई लोग मानते हैं कि महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, कणाद, पुलस्त्य, अत्रि, महायोगी गोरखनाथ, श्रीमद शंकराचार्य, भीष्म, कृपाचार्य को भौतिक रूप में वहाँ भटकते देखा जा सकता है और किसी को भी उनके उपदेश सुनने का सौभाग्य प्राप्त हो सकता है। कई सिद्ध योगी, योगिनियां, अप्सरा (एंजल), संत इस स्थान पर ध्यान करते पाए जाते हैं। बगीचे में सुंदर फूल, पेड़, पक्षी, सिद्ध-योग झील, ध्यान करने वाले संत और जगह की कई अन्य चीजों को शब्दों में वर्णित नहीं किया जा सकता है।

The Science Behind Gyanganj | विज्ञान की नज़र में सिद्धाश्रम

अदृश्य दुनिया का सच अब विज्ञान भी स्वीकारने लगा है कि कम्पन हमारी इन्द्रिय क्षमता को काफी हद तक प्रभावित करता है और इस वसुँधरा में जो कुछ दृश्य-श्रव्य है, वह सब इसी की परिणति है। हमारे कान उन्हीं शब्दों को सुन पाते हैं, जो 20-20 हज़ार हर्ट्ज के श्रवण सीमार्न्तगत आते हैं। इससे कम या अधिक आवृत्ति वाली ध्वनियों को सुनने में वे अक्षम होते हैं। यद्यपि दूसरे ऐसे कितने ही जन्तु हैं, जो इन ध्वनियों को सुनने-समझने की क्षमता रखते हैं।
कुत्ता, चमगादड़ हाथी जैसे प्राणी उच्च आवृत्ति वाली सूक्ष्म आवाज को भी सरलतापूर्वक पकड़ लेते हैं। इसी प्रकार निम्न आवृत्ति वाली ध्वनियों को सुनने में कुछ जन्तु समर्थ होते हैं। ऐसे ही रंग और प्रकाश को पहचानने व देखने की भी हर प्राणी की अपनी पृथक सीमा है। मनुष्य की आँखें बैनीआहपीनाला के अंतर्गत आने वाली सप्तवर्णी किरणें को ही देख सकती हैं, क्योंकि उनकी बारंबारता मानव-दृष्टि की बारम्बारता से ठीक-ठीक मेल खाती है।

सब जान-समझ लेने के पश्चात योगियों एवं सिद्ध संतों द्वारा तिरोधान व प्रकटन की घटना को अविश्वसनीय स्तर का अचंभा नहीं माना जाना चाहिए, वरन् उसे एक विज्ञान सम्मत प्रक्रिया, जो हर किसी के लिए संभव है पर इसके पूर्व प्राण संबंधी नियमन-नियंत्रण आवश्यक है। जो शुद्ध जीवन एवं सरल आचरण द्वारा इसे सम्पन्न कर सकें, उनके लिए दृश्य-अदृश्य होने की शक्ति उपलब्ध कर लेना कोई कठिन कार्य नहीं, वरन् उतना ही आसान है, जितना गोताखोरों के लिए जल में बिना किसी कठिनाई के विचरण।

देवराहा बाबा और लद्दाख के अनसुलझे रहस्य

हिमालय के रहस्यमई संत देवराहा बाबा के विषय मैं बताया था जिन्होंने 800 वर्ष के जीवन तक खुद को संयास के लिए समर्पित कर दिया था। जिनका जन्म भी रहस्य था और मृत्यु भी रहस्य। यह भी एक हिमालय के रहस्य ही थे। हिमालय का वह स्थान जो लद्दाख का हिस्सा है। यहां अक्सर रहस्यमई तरीके से बहुत सारे लोग गायब हो जाते हैं और कभी कभी तो यहां घूमने जाने वाले टूरिस्ट भी पता नहीं कहां चले जाते हैं कुछ लोगों का मानना है कि वह अमर लोगों के शहर ज्ञानगंज के रास्ते से जुड़ा है। मगर साक्ष्य यह दावा करते हैं कि उस क्षेत्र में कुछ आसमानी गतिविधियां होती हैं। वहां कुछ ऐसे तकनीकों को भी देखा गया है जिसे बनाना इंसानों के लिए संभव ही नहीं है। यह प्रतिबंधित क्षेत्र है जहां अत्यधिक उन्नत तकनीक को हर बार देखा गया है।

सिद्धाश्रम के अंदर की दुनिया: Inside Gyanganj

सिद्धाश्रम में प्रवेश करने वाले एक योगी साधक के अनुभव के अनुसार उस स्थान पर न तो सूरज की रौशनी है और न चाँद की चांदनी वातावरण में एक दूधिया प्रकाश फैला हुआ है से आ रहा है इसका कुछ पता नहीं है । यह घाटी एक महान योगी की इच्छाशक्ति की वशीभूत है इस घाटी के बारे में कहा जाता है की यहाँ कोई सामान्य साधक जा नहीं सकता और उच्च साधक भी अपनी इच्छा से इसे नहीं देख सकता । समय समय पर कई पर्यटको , सैनिको , खोजकर्ताओं और लेखको ने अपने लेखों के द्वारा इस जगह के बारे में लिखा है । उन लोगो के अनुसार यह एक ऐसी दुनिया है जो रहस्य जादू और रोमांस से भरपूर है कई सारी किदवंतिया इस जगह के बारे में प्रचलित हैं । मगर इस जगह को पूरी तरह से समझने में हर इंसान नाकाम है ।

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