Tibetan Dream Yoga: सपनों को Control करने की Technique
Tibetan Dream Yoga: सपनों को Control करने की Technique
Tibetan Dream Yoga: सपनों को बदलने की तकनीक, जिसे तिब्बती योग में ‘परिवर्तन’ कहा जाता है, स्वप्न योग का दूसरा और बहुत महत्वपूर्ण चरण है। जब आप सपने के भीतर जागरूक हो जाते हैं (यानी आपको पता चल जाता है कि आप सपना देख रहे हैं), तब आप अपने मन की शक्ति से उस सपने की परिस्थितियों को बदलना शुरू करते हैं।
सपनों को बदलने की प्रमुख तकनीकें
मिलारेपा और उनके गुरुओं ने इस तकनीक का उपयोग मन की जड़ता को तोड़ने के लिए किया था। यहाँ इसके मुख्य अभ्यास दिए गए हैं:
आकार और संख्या का परिवर्तन
यदि आप सपने में एक फूल देखते हैं, तो अपनी मानसिक शक्ति से उसे एक से दो, दो से चार और फिर हज़ार फूलों में बदल दें।
इसी तरह, आप अपने स्वयं के शरीर को भी कई रूपों में विभाजित करने का अभ्यास करते हैं। यह अभ्यास सिखाता है कि ‘एक’ और ‘अनेक’ का भेद केवल मन की रचना है।
तत्वों का रूपांतरण:
यदि सपने में आग लगी है, तो उसे पानी में बदल दें। यदि सामने पत्थर की दीवार है, तो उसे आकाश (शून्यता) में बदल दें।
इसका उद्देश्य यह समझना है कि सपने में कुछ भी ठोस नहीं है। जब आप आग को पानी बना देते हैं, तो आपका डर समाप्त हो जाता है और आपको अपनी मानसिक स्वतंत्रता का अनुभव होता है।
भय पर विजय:
यदि सपने में कोई भयानक जानवर या शत्रु आपका पीछा कर रहा है, तो भागने के बजाय रुकें और उसे एक सुंदर दृश्य या किसी प्रिय मित्र में बदल दें।
मिलारेपा कहते थे कि जब आप सपने के बाघ को पालतू बिल्ली बना सकते हैं, तो आप जीवन की समस्याओं को भी केवल ‘मानसिक तरंगें’ समझकर शांत कर सकते हैं।
अदृश्य लोकों की यात्रा :
जब आप सपने को नियंत्रित करना सीख जाते हैं, तो आप संकल्प करते हैं कि “मैं अब कैलाश पर्वत जाऊँगा” या “मैं बुद्ध के लोक की यात्रा करूँगा”।
यह अभ्यास चेतना को शरीर की सीमाओं से बाहर निकालने में मदद करता है।
सपनों में ‘इच्छाशक्ति’ (Willpower) को कैसे जगाएं? | Tibetan Dream Yoga
सपनों को बदलने के लिए ‘इच्छाशक्ति’ की आवश्यकता होती है। यहाँ कुछ सरल तरीके हैं:
दिन में अभ्यास:
दिन भर यह सोचें कि आपके आस-पास की चीजें ‘सपनों जैसी’ हैं। यदि आप कुर्सी देख रहे हैं, तो कल्पना करें कि वह पारदर्शी है। यह ‘लचीली सोच’ रात में काम आती है।
दृढ़ संकल्प:
सोने से ठीक पहले खुद से कहें— “आज रात जब मैं सपना देखूँगा, तो मैं उसे अपनी इच्छा से बदल दूँगा।”
छोटे से शुरुआत करें:
सपने में पहले छोटी चीजों को बदलने की कोशिश करें (जैसे अपने हाथ का रंग बदलना या किसी छोटी वस्तु का आकार बढ़ाना)।
इस तकनीक का आध्यात्मिक उद्देश्य स्वप्न को बदलने का लक्ष्य जादुई शक्तियां पाना नहीं है। इसका वास्तविक उद्देश्य यह बोध प्राप्त करना है कि:
“जैसे सपना मन की उपज है, वैसे ही यह संसार भी चित्त का ही विस्तार है।”
जब साधक सपने की ‘ठोसता’ को तोड़ देता है, तो उसे ‘शून्यता’ का अनुभव होता है। मिलारेपा के अनुसार, जो व्यक्ति सपने को बदल सकता है, वह मृत्यु के समय अपनी चेतना को भी सही दिशा में मोड़ सकता है।
गुप्त रहस्य: नींद में होशपूर्वक प्रवेश कैसे करें?
सोते समय किसी मंत्र का जप करना नींद में होशपूर्वक प्रवेश में सहायक होता है। इस विधि में मंत्र जप करते हुए सो जाना होता है। निरंतर अभ्यास से व्यक्ति स्वप्न में भी होश बनाये रखने में सफल हो जाता है।